दादी की टुटी हुई कंगन
एक दादी अपनी पोती को बताती है कि उसकी टूटी हुई कंगन सूखे के समय की मेहनत और गांव की एकता का प्रतीक है।
एक दादी अपनी पोती को बताती है कि उसकी टूटी हुई कंगन सूखे के समय की मेहनत और गांव की एकता का प्रतीक है।
एक दादी अपनी पोती को रात की चांदनी में एक कुम्हार की कहानी सुनाती है, जो सीखती है कि प्रेम से किया गया काम ही सबसे बड़ी सफलता लाता है।
गांव के किनारे पीपल के पेड़ में भूत रहता है? नहीं, सिर्फ एक अकेली दादी, जो बस किसी के साथ बातचीत करना चाहती थी।
एक घने बांस के जंगल में तीन चिड़ियों का परिवार रहता था। जब चमकीले दानों का फंदा मिला, तो मुन्नी की सतर्कता सभी को बचा गई। क्या आप जानते हो कि विवेक और सोच-समझ से ही सच्ची खुशी मिलती है?
गांव के सबसे पुराने कुएं के पास राधा का बचपन बीता। कुआं सिर्फ पानी नहीं, बल्कि प्यार, खेल और यादों का अंतहीन स्रोत था। जब राधा शहर गई, तो कुएं की हर यादें उसकी दिल में बसी रहीं।
जब रीना ने पहला दीया जलाया, तो दादी की आँख से आंसू निकल गए। ‘मेरी बिटिया,’ दादी ने कहा, ‘तुम्हारी प्रेम की रोशनी मेरे अंधकार को दूर कर गई।’