गांव का कवि
हरिहर अनपढ़ था, पर उसकी कविताएं पूरे गांव का दिल जीत लेती थीं। दर्द में सांत्वना और खुशी में उत्साह, उसके शब्द गांव की आत्मा थे।

हरिहर अनपढ़ था, पर उसकी कविताएं पूरे गांव का दिल जीत लेती थीं। दर्द में सांत्वना और खुशी में उत्साह, उसके शब्द गांव की आत्मा थे।