सुनहरी फसल का त्योहार
बैसाखी की सुबह गांव भर में खुशियों की बहार थी। सोने की बालियों वाली फसल अपनी पूरी शोभा में झूम रही थी, और नीलकंठ खेत के बीच अपनी सहेलियों के साथ नाचती-गाती थी।

बैसाखी की सुबह गांव भर में खुशियों की बहार थी। सोने की बालियों वाली फसल अपनी पूरी शोभा में झूम रही थी, और नीलकंठ खेत के बीच अपनी सहेलियों के साथ नाचती-गाती थी।