ससुराल की पहली सर्दी
एक नई बहू को गांव की पहली सर्दी में न केवल ठंड से, बल्कि अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है। पर जब सास प्रेम से लड्डू बनाती है और कहती है ‘अब मैं भी तेरी मां हूं’, तो ससुराल की सर्दी अपनापन की गर्माहट में बदल जाती है।

एक नई बहू को गांव की पहली सर्दी में न केवल ठंड से, बल्कि अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है। पर जब सास प्रेम से लड्डू बनाती है और कहती है ‘अब मैं भी तेरी मां हूं’, तो ससुराल की सर्दी अपनापन की गर्माहट में बदल जाती है।

मीरा की पहली सर्दी ससुराल में अकेलापन लाई, लेकिन सास माता की दया और छोटी-छोटी चीजों ने उसे परिवार का हिस्सा बना दिया।