चोर का पछतावा
एक गरीब लड़का चोरी का विचार करता है, पर ईमानदारी का रास्ता चुनकर अपनी ज़िंदगी बदल देता है।

एक गरीब लड़का चोरी का विचार करता है, पर ईमानदारी का रास्ता चुनकर अपनी ज़िंदगी बदल देता है।

सोलह साल के रामू ने गरीबी में एक रात गलती की, लेकिन अपनी ईमानदारी और पछतावे से उसने न सिर्फ अपना जीवन बदला, बल्कि पूरे गांव को एक सीख दी।

दस साल के राज ने मेले के लालच में चोरी कर बैठा, पर उसका दिल चैन से न बैठा। दादी की प्यारी सीख और अपनी ईमानदारी ने उसे सबसे बड़ा सबक सिखाया।