मोर की बारिश का नृत्य
जून की शाम को पहली बारिश में एक सुंदर नीले मोर ने अपनी पूंछ खोली। गांव के बच्चों की चीख निकल गई जब वह बारिश के बीच नाचने लगा, मानो वह खुद ही मानसून का दूत हो।

जून की शाम को पहली बारिश में एक सुंदर नीले मोर ने अपनी पूंछ खोली। गांव के बच्चों की चीख निकल गई जब वह बारिश के बीच नाचने लगा, मानो वह खुद ही मानसून का दूत हो।

जब गांव की पहली मानसून की बारिश हुई, मीरा ने एक नीले-हरे मोर को खेत में अपनी पूंछ फैलाकर बारिश में नाचते देखा। यह दृश्य इतना जादुई था कि सभी बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए।

मानसून की पहली बारिश में एक नीले-हरे मोर ने अपने पंख खोले और गांव के बच्चों को सबसे खूबसूरत नाच दिखाया। बारिश की हर बूंद उसके पंखों पर सोने की तरह चमकती थी।