मेले का रहस्यमयी जादूगर
गांव के वार्षिक मेले की तैयारी महीनों से चल रही थी। बसंत पंचमी के दिन चौपाल के पास खुली जगह को सजाया गया था। रंग-बिरंगे झंडे, मिट्टी के खिलौने, गुड़ की खीर और तरह-तरह की मिठाइयों की दुकानें लग गई थीं। पूरा गांव उत्साह से भर गया था।
दोपहर को जब धूप तेज़ थी, एक अजीब सवारी गांव के मेले में आई। ऊंची टोपी पहने एक बूढ़ा आदमी सफेद घोड़े पर बैठा था। उसके चेहरे पर गहरी झुर्रियां थीं, लेकिन उसकी आंखें चमकती हुई थीं। उसके पीछे एक बक्सा रखा था जिस पर सोने के रंग की लकीरें बनी थीं। बचपन के दिनों से सुने हुए किस्सों को देख रहे थे गांव वाले—एक सच्चा जादूगर!
जादूगर ने चौपाल के पास अपना मंच बनाया। छोटे-बड़े सब उसके चारों ओर इकट्ठा हो गए। वह बूढ़ा आदमी धीमे-धीमे मुस्कुराया और अपनी जादू की पेटी खोली। पहली ट्रिक में उसने एक सूखी डाली ली, कुछ मंत्र बुदबुदाए और फूलों की बारिश हो गई। भीड़ ने चिल्लाते हुए तालियां बजाईं।
गांव के जमींदार का बेटा राजेश अपनी नानी के साथ बैठा था। वह हर चाल को ध्यान से देख रहा था, छिपे हुए सूत या खिलौने की तलाश कर रहा था। पर सब कुछ असल लगता था। फिर जादूगर ने राजेश को बुलाया। लड़के को अपनी जेब से एक पत्थर निकालने को कहा। जादूगर ने उसे चुंबन किया और कहा कि अगर वह इसे एक घंटे के लिए अपने दिल के पास रखेगा और किसी से झूठ नहीं बोलेगा, तो यह सोना बन जाएगा।
राजेश आश्चर्यचकित था। उसके मन में एक सवाल था—क्या जादू सच में होता है? जादूगर उसके चेहरे को पढ़ गया। उसने कहा, ‘बेटा, असली जादू विश्वास का है। जब तुम सच बोलते हो, सही काम करते हो, तो पूरी दुनिया तुम्हारी मदद करने लगती है। वह जादू है।’
एक घंटे बाद, राजेश ने पत्थर को देखा। वह अभी भी पत्थर ही था। पर जब उसने अपनी नानी को देखा, जो उसके साथ का सफर देख रहीं थीं, तो पाया कि उसके चेहरे पर खुशी की चमक आ गई है। उसके दिल में एक नया सवाल जन्मा—शायद जादूगर सही कह रहा था।
शाम को, जब सूरज डूबने लगा और मेले पर सुनहरी रोशनी पड़ने लगी, राजेश जादूगर को ढूंढने गया। पर वह कहीं नहीं मिला। गांव वालों ने कहा कि शायद वह कभी आया ही नहीं था, बस कोई सपना था। पर राजेश के पास वह पत्थर था, जो उसे याद दिलाता था कि असली जादू सच्चाई और विश्वास में है।
🪔 सीख: असली जादू बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि हमारे सच्चे विश्वास, ईमानदारी और अच्छे कामों में छिपा होता है। जब हम सच बोलते हैं और सही रास्ता चलते हैं, तो पूरी दुनिया हमारी मदद करने लगती है।


