कुम्हार का चाक

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गांव के सीमावर्ती इलाके में, बड़े पीपल के पेड़ के पास रहीम कुम्हार का छोटा सा ईंटों का घर था। हर सुबह जब सूरज उगता था, तो उसके हाथों की थाप और चाक की घरघराहट सारे गांव में गूंजती थी। रहीम को मिट्टी से बात करने की कला आती थी—ऐसी कला जो उसके पिता के पिता को आती थी।

गांव के जमींदार का पोता लल्ला, एक दिन रहीम के घर आया। वह शहर से आया था, जहां सब कुछ तेजी से होता था। उसे देखते ही उसने कहा, ‘दादा जी, तुम इतने धीरे क्यों काम करते हो? एक घंटे में सिर्फ तीन घड़े बनाते हो? शहर में मशीनें हैं जो एक दिन में सौ बनाती हैं।’ रहीम मुस्कुराए, उन्होंने लल्ला को बैठने को कहा।

‘बेटा, इस चाक पर बैठ। तू देख कि मिट्टी कितनी कठोर है। अगर मैं इसे जल्दबाजी में दबाऊं, तो यह टूट जाएगी। पर जब मेरे हाथ धीरे-धीरे इसे छूते हैं, तो मिट्टी खुद ही नरम हो जाती है। फिर यह गीली मिट्टी मेरे हाथों से कहती है कि उसे किस आकार देना है।’ रहीम ने लल्ला के हाथ पकड़े और चाक पर रख दिए। ‘देख, अब तू महसूस करो।’

लल्ला को पहली बार समझ आया कि यह सिर्फ घड़े नहीं—यह हर घड़े में एक रिश्ता है। रहीम का घर हर गांववासी का रसोई घर था। उनका पानी का घड़ा मां के हाथों में ठंडा पानी पहुंचाता था। उनकी मिट्टी की सुराही दुल्हन की दहेज में जाती थी। उनके दीये त्योहारों को रोशन करते थे। हर बर्तन एक कहानी लिए बनता था।

‘लेकिन दादा जी, क्या तुम्हें यह काम मुश्किल नहीं लगता? रोज यही चाक, यही मिट्टी, यही हाथ?’ लल्ला को समझ नहीं आया।

रहीम ने एक अधूरा घड़ा दिखाया जो आधा-अधूरा रह गया था। ‘यह जो टूटा है, इसकी मिट्टी मैं फिर से गूंधूंगा। यह फिर से घड़ा बनेगा। मुश्किल वह नहीं है जो हम बार-बार करते हैं। मुश्किल वह है जो हम जल्दबाजी में करते हैं।’ उन्होंने लल्ला की पीठ थपथपाई। ‘जीवन भी एक चाक है, बेटा। अगर तू उसे तेजी से घुमाएगा, तो वह टूट जाएगा। पर धीरज के साथ हर दिन एक बेहतर आकार दे, तो तू एक खूबसूरत जीवन बना सकता है।’

लल्ला उस शाम दो घंटे रहीम के साथ बैठा। उसने देखा कि कैसे टूटी मिट्टी फिर से जीवन पाती है। कैसे एक असफल कोशिश एक नई शुरुआत बन सकती है। जब वह शहर लौटा, तो उसका दिल गांव में छूट गया था—रहीम के चाक के पास, जहां धीरज और मेहनत एक सुंदर बर्तन बनाती है।


🪔 सीख: जीवन में जल्दबाजी नुकसानदेह है। धीरज और लगातार प्रयास से ही हम अपने सपनों को सुंदर और मजबूत आकार दे सकते हैं। हर असफलता एक नई शुरुआत का मौका है।

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