जब राज बड़े शहर से गांव लौटा, तो सबसे पहले उसकी निगाह उसी पुराने कुएं पर गई जो गांव के बीचोंबीच खड़ा था। चालीस साल बाद भी वह वैसा ही था — पत्थर की दीवारों पर काई जमी हुई, और उसके चारों ओर वही पुरानी नीम का पेड़ फैला हुआ। राज के मन में एक अलग ही उथलपुथल मच गई।
बचपन की गर्मियों में राज और उसके साथियों का पूरा संसार इसी कुएं के पास बसता था। सुबह की शीतल हवा में वे सब यहीं आते थे। खिड़की के आकार की ईंटों को देखते हुए वे कल्पना करते कि अगर किसी को दुनिया नापनी हो तो वह इसी कुएं की गहराई को नाप ले। राज की माता कहा करती थीं कि इस कुएं में पानी की देवी रहती हैं जो हर परिवार को अमृत देती हैं।
राज उन सीढ़ियों पर बैठ गया जहां से महिलाएं पानी भरने जाती थीं। उसे याद आया — वह कैसे अपनी बहन सुनीता के साथ यहीं बैठकर गीत गाता था। सुनीता की पीली साड़ी की किनारी हवा में उड़ती थी और उसके हाथों में मिट्टी के खिलौने होते थे। लड़कियों का एक समूह नीचे दरी बिछाकर काँच की चूड़ियों का खेल खेला करता था। चूड़ियों को जमीन पर खटखट करने की आवाज़ आज भी उसके कानों में गूंजती थी।
शाम को चौपाल का समय होता था। गांव के बुजुर्ग पीपल के पेड़ के नीचे बैठते और गांव की खबरें साझा करते। बचपन में राज दौड़-दौड़कर उनके बीच घुस जाता और फसल के बारे में बातें सुनता। दादा जी कहते थे कि इस गांव की जड़ें इसी मिट्टी में हैं, इसी कुएं के पानी में हैं। खेतों में काम करने वाले किसान इसी कुएं के पानी से ही अपने सपने सींचते हैं।
अब गांव बदल गया था। कुछ घर पक्के हो गए थे, कुछ खाली पड़े थे। लड़के शहर जा चुके थे, लड़कियां सपने लिए दूर चली गई थीं। चौपाल पर अब सिर्फ दो-तीन बुजुर्ग बैठते थे। सुनीता का साड़ी वाला हाथ अब किसी दूर देश में किसी और के लिए रोटी बनाता है।
लेकिन राज को जब कुएं के काले पानी में अपना चेहरा दिखा, तो उसे लगा कि सब कुछ अभी भी वहीं है। हर बूंद में बचपन है, हर गीत की गूंज है, हर खिलौने की यादें हैं। गांव शायद बदल जाते हैं, पर उसके दिल नहीं। वह कुआं आज भी हर आने वाली पीढ़ी को अपनी गहराई में उतारने के लिए बुला रहा था — वहां जहां यादें कभी सूखती नहीं।
🪔 सीख: हर जगह की अपनी एक आत्मा होती है। चाहे समय बदले, चाहे लोग दूर चले जाएं, बचपन की स्मृतियां हमेशा हमारी जड़ों से जुड़ी रहती हैं। ये यादें ही वह धागा हैं जो हमें अपने आप से, अपने परिवार से और अपनी पहचान से जोड़े रखती हैं।





