पुरानी हवेली का रहस्य
गांव की पुरानी हवेली को भूतहा माना जाता था, पर एक जिज्ञासु बालक ने जब सच जानने की हिम्मत दिखाई, तो पता चला कि असल में वहां केवल एक अकेली बुढ़िया रहती थी।

गांव की पुरानी हवेली को भूतहा माना जाता था, पर एक जिज्ञासु बालक ने जब सच जानने की हिम्मत दिखाई, तो पता चला कि असल में वहां केवल एक अकेली बुढ़िया रहती थी।

गांव के किनारे की पुरानी हवेली से हर चांदनी रात को सितार की मधुर आवाज़ आती थी। सब इसे भूत का संगीत कहते थे, पर राजू और उसके दादा ने जो सच जाना, वह हर किसी की जान बदल गया…

एक डरी हुई हवेली, एक रहस्यमय रोने की आवाज, और एक लड़के की बहादुरी जिसने भूत और इंसान को फिर से जोड़ दिया।

हरिपुर गांव की पुरानी हवेली में भूत रहता था — कम से कम इसी में सब को विश्वास था। पर जब दस साल के किशन ने अपने डर का सामना किया, तो उसे पता चल गया कि असली रहस्य कहीं और छिपा था।

पीपल के पेड़ के भूत का रहस्य राज के साहस से खुल गया। एक पुराने अन्याय को सुलझाकर वह गांव की शांति लौटा आया।

गांव के किनारे पीपल के पेड़ में भूत रहता है? नहीं, सिर्फ एक अकेली दादी, जो बस किसी के साथ बातचीत करना चाहती थी।