दादी का सोने का दीपक

गांव के किनारे एक छोटी सी झोपड़ी में दादी माता अपनी पोती पायल को गोद में लेकर बैठी थीं। रात का अंधेरा गहरा हो गया था और खिड़की से चांद की नरम रोशनी आ रही थी। पायल की आंखें थोड़ी-थोड़ी बंद हो रही थीं, पर दादी के कहानी सुनने का इंतज़ार अभी बाकी था।

“दादी, आज कौन सी कहानी सुनाओगी?” पायल ने अपनी छोटी सी आवाज़ में पूछा। दादी माता की झुर्रियों भरे चेहरे पर प्यार की मुस्कान आई। “मेरी बेटा, आज मैं तुम्हें बताऊंगी एक बहुत पुरानी सीख की कहानी। सुनो ध्यान से।

“इसी गांव में कभी एक बहुत अमीर जमींदार रहते थे। उनके पास सोने-चांदी के गहने, महंगे कपड़े और बड़ी-बड़ी हवेलियां थीं। पर उनके मन में कभी शांति नहीं रहती थी। हर रोज़ वह सोचते रहते कि कहीं कोई और उनसे ज़्यादा अमीर तो नहीं है।”

पायल की आंखें फिर से खुल गईं। दादी आगे बोलीं: “एक दिन गांव की गली में एक गरीब बुढ़िया को देखा। उसके पास न तो अच्छे कपड़े थे, न बड़ा घर। पर हर रोज़ सुबह वह अपने घर के बाहर एक मिट्टी का दीपक जलाती थी।”

“क्यों दादी?” पायल ने सवाल किया। दादी ने प्यार से उसका माथा चुंबन किया। “सुनो, उस दीपक को जलाकर वह गांव के बच्चों को पढ़ाती थी। रात को उसके दीपक की रोशनी में गरीब बच्चे पढ़ते थे और सीखते थे। उस बुढ़िया के पास सोने का दीपक नहीं था, पर वह एक मिट्टी के दीपक से हजारों दिलों को रोशन कर रही थी।”

“जमींदार को जब यह बात पता चली तो वह उस बुढ़िया के पास गए। उन्होंने कहा, ‘माता, तुम्हें सोने का दीपक दे दूंगा। तुम इसी को जलाना।’ पर बुढ़िया ने मुस्कुराकर कहा, ‘बेटा, दीपक की कीमत उसके सोने में नहीं, उसकी रोशनी में होती है। मेरी मिट्टी का दीपक सस्ता है, पर उसकी रोशनी हजारों दिलों को जलाती है।'”

“उस दिन के बाद जमींदार का मन बदल गया। वह भी उस बुढ़िया के साथ बैठने लगे और बच्चों को पढ़ाने में मदद करने लगे। फिर जमींदार को कभी दुख नहीं रहा क्योंकि उन्हें समझ आ गया कि असली दौलत दूसरों के दिलों को खुश करने में है।”

दादी ने पायल को अपनी छाती से लगाया। पायल की आंखें अब पूरी तरह बंद हो चुकी थीं, पर उसके चेहरे पर एक खूबसूरत मुस्कान थी।

“दादी,” पायल ने अधखुली आंखों से कहा, “मैं भी एक दीपक बनूंगी और सबको रोशन करूंगी।” दादी के आंखों में खुशी के आंसू आ गए। वह जानती थीं कि उन्होंने अपनी पोती को जीवन की सबसे बड़ी सीख दे दी है।


🪔 सीख: असली धन पैसा और गहने नहीं होते। असली धन दूसरों के जीवन में रोशनी लाना और उनके दिलों को खुश करना है। छोटे काम भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं अगर वह प्रेम और सच्चाई से किए जाएं।

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