दादी की टुटी हुई कंगन
एक दादी अपनी पोती को बताती है कि उसकी टूटी हुई कंगन सूखे के समय की मेहनत और गांव की एकता का प्रतीक है।
एक दादी अपनी पोती को बताती है कि उसकी टूटी हुई कंगन सूखे के समय की मेहनत और गांव की एकता का प्रतीक है।
एक दादी अपनी पोती को रात की चांदनी में एक कुम्हार की कहानी सुनाती है, जो सीखती है कि प्रेम से किया गया काम ही सबसे बड़ी सफलता लाता है।