बस्ती के उस पुराने बरगद के नीचे राज और मोहन की दोस्ती की कहानी लिखी थी। दोनों सात साल के थे जब उन्होंने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और कसम खाई थी कि जीवन भर साथ रहेंगे। राज जमींदार का बेटा था, पर गांव के सरल लड़कों से ही वह ज्यादा खुश रहता था। मोहन एक बढ़ई का लड़का, पर जैसे वह हर चीज़ को आकार देता था, वैसे ही उसके सपने भी मजबूत होते थे।
हर दोपहर जब सूरज तेज़ होता, राज और मोहन उस बरगद के घने पत्तों के नीचे छिप जाते। वहां वे अपने सपनों की दुनिया बसाते थे। मोहन कहानियां सुनाता था, कि कैसे वह एक दिन शहर जाकर बड़े-बड़े घर बनाएगा। राज हंसता और कहता, ‘मैं तुम्हारे साथ दुनिया देखूंगा।’ उन्होंने कसम खाई थी कि चाहे कुछ भी हो, दोस्ती को कभी भूलेंगे नहीं।
गांव के मेले में वे एक-दूसरे का हाथ कभी नहीं छोड़ते थे। मिठाई, झूले, रंग-बिरंगे खिलौने सब कुछ साथ खरीदते थे। एक बार राज के पास पैसे नहीं थे, तो मोहन ने अपना सब कुछ दे दिया। यह सिर्फ दोस्ती नहीं, विश्वास था।
पर भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। राज के पिता को शहर में व्यापार का एक बड़ा अवसर मिला। जब विदा होने का दिन आया, बरगद के नीचे दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। मोहन की आंखों से आंसू बह रहे थे। राज के गले से आवाज़ नहीं निकली। उन्होंने कहा था, ‘मैं लिखूंगा हर महीने। तुम मुझे भूल मत जाना।’ मोहन ने सिर्फ सिर हिलाया।
बीस साल बाद। राज एक सफल अभियंता बन गया, पर मन में हमेशा एक खालीपन रहता था। एक दिन पुरानी चिट्ठियों की एक गड़ी हुई डिब्बी मिली, जिसमें मोहन की सभी चिट्ठियां थीं। उन सब में एक ही बात थी—’अभी भी तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूं।’ राज का दिल टूट गया। फौरन उसने अपने गांव जाने का फैसला किया।
उस पुराने बरगद के पास पहुंचते ही राज का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। वहां एक आदमी बैठा था, जिसके चेहरे पर झुर्रियां थीं, पर आंखें वही थीं—वही दोस्ताना, वही पारदर्शी आंखें। मोहन ने राज को पहचाना। दोनों एक-दूसरे की ओर दौड़ पड़े और जैसे कभी बिछड़े ही नहीं थे, वैसे गले लग गए। बरगद की शाखों पर हवा चली, और उसके पत्तों में वह पुरानी कसम गूंजने लगी।
अब वे रोज़ उसी बरगद के नीचे बैठते हैं, एक-दूसरे की यादें ताज़ा करते हैं और कहते हैं कि दोस्ती की कसम कभी टूटती नहीं, बस कभी-कभी छिपी रहती है।
🪔 सीख: सच्ची दोस्ती समय और दूरी के आगे जाती है। चाहे कितने भी बरसों का अलगाव हो, सच्चे दोस्तों का रिश्ता हमेशा अपनी मूल शक्ति से जीवित रहता है।

