दादी का गीत, बहू का सपना
दादी माता के गीत गांव की हवा में गूंजते रहे। धीरे-धीरे मेहरुन को समझ आया कि ये परंपराएं घर की नींव हैं। जब दादी माता गाती थीं, तो वह सिर्फ शब्द नहीं गातीं, बल्कि हजारों साल की परंपरा को ज़िंदा रखती थीं।

दादी माता के गीत गांव की हवा में गूंजते रहे। धीरे-धीरे मेहरुन को समझ आया कि ये परंपराएं घर की नींव हैं। जब दादी माता गाती थीं, तो वह सिर्फ शब्द नहीं गातीं, बल्कि हजारों साल की परंपरा को ज़िंदा रखती थीं।