चौराहे की चाय की दुकान
गांव के चौराहे पर रामलाल की छोटी सी दुकान थी, जहां एक बरसाती शाम एक अनाथ लड़का उनके जीवन में आया और सब कुछ बदल गया।

गांव के चौराहे पर रामलाल की छोटी सी दुकान थी, जहां एक बरसाती शाम एक अनाथ लड़का उनके जीवन में आया और सब कुछ बदल गया।