छोटी सी दुकान, बड़ा सपना
एक गांव की छोटी सी परचून दुकान, जहां रामलाल के सरल कार्यों की नेकी एक अपरिचित परिवार को अपनी ओर खींच लाती है और उसकी ज़िंदगी ही बदल देती है।

एक गांव की छोटी सी परचून दुकान, जहां रामलाल के सरल कार्यों की नेकी एक अपरिचित परिवार को अपनी ओर खींच लाती है और उसकी ज़िंदगी ही बदल देती है।

गांव के चौराहे पर रामलाल की छोटी सी दुकान थी, जहां एक बरसाती शाम एक अनाथ लड़का उनके जीवन में आया और सब कुछ बदल गया।