गांव के बकरी के खेत में लीलावती अपने भाई राजू को खोज रही थी। रक्षाबंधन का दिन था और उसके हाथों में लाल धागे की राखी थी जिसे उसकी माँ ने तीन दिन पहले बनाई थी। लीलावती पंद्रह साल की थी, पर राजू हमेशा उससे नोकझोंक करते थे कि वह अभी भी बचकाना है।
“राजू! राजू!” उसकी पुकार गांव के खेतों में गूँजी। दोपहर की धूप तेज थी, पर लीलावती ने हार नहीं मानी। उसका लाल पहनावा और माथे पर लगी बिंदी गर्मी में पसीने से भीग गई थी।
आखिरकार उसे तालाब के पास राजू मिल गया। वह अपने दोस्तों के साथ नहा रहा था और खिलखिलाते हुए एक-दूसरे को पानी में धकेल रहा था। जब उसने लीलावती को देखा, तो तुरंत हँसते हुए कहा, “अरे, राखी वाली! क्या करने आई हो बैठे-बैठे? भाई को याद आ गई?”
लीलावती का चेहरा लाल हो गया। “चुप करो! माँ ने तुम्हें खोजने के लिए मुझे भेजा है। घर आओ अभी।” पर राजू तो उल्टा उसे तालाब में पानी का छिड़काव करने लगा।
गांव लौटते हुए राजू लीलावती से पूछ रहे थे, “अच्छा बता, राखी पर क्या मांगेगी? मुझे पता है, नई चूड़ियाँ चाहती हो जैसे पड़ोस वाली के पास हैं।” लीलावती ने गुस्से से जवाब दिया, “तुम्हें क्या लगता है? मैं हर चीज़ के लिए तुमसे माँगती हूँ? मुझे सिर्फ एक ही चीज़ चाहिए।”
“क्या?” राजू को कौतुहल हुआ।
“तुम्हारा वादा। मेरे लिए पढ़ाई में ध्यान दो और शहर जाकर अच्छी नौकरी करो। माँ-पापा को खुश रखो।” लीलावती की आँखें भर आईं।
राजू चुप हो गए। उन्होंने कभी अपनी बहन को इतना गंभीर नहीं देखा था। हर साल नोकझोंक करते हुए भी, लीलावती ने हमेशा अपने भाई के लिए ईश्वर से प्रार्थना की थी।
घर के आंगन में, आम के पेड़ के नीचे, लीलावती ने राजू के माथे पर तिलक लगाया और राखी बाँधी। अपने भाई के कान के पास जाकर फुसफुसाई, “खुश रहो, भैया। हमेशा खुश रहो।” राजू ने उसके सिर पर हाथ रखा और कहा, “मैं वादा करता हूँ, बहन। तुम्हारे लिए मैं बदल जाऊँगा।”
उस शाम, जब पड़ोस की महिलाएँ राखी की बातें कर रही थीं, तो लीलावती अपने आँगन में अकेली बैठी थी। उसका भाई अब अलग कमरे में बैठा था, अपनी किताबों से जूझ रहा था। कभी-कभी प्यार को शब्दों में नहीं, बल्कि वादों में बाँधा जाता है।
🪔 सीख: भाई-बहन का रिश्ता नोकझोंक और खिलवाड़ से भरा होता है, पर इसके पीछे प्रेम, चिंता और एक-दूसरे के लिए सपने होते हैं। राखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि वह वादा है जो भाई-बहन एक-दूसरे को देते हैं कि वे जीवन भर एक-दूसरे के साथ खुश रहेंगे और एक-दूसरे का साथ देंगे।

