गांव के किनारे की आम के बाग में बारिश की पहली बूंदें पड़ने वाली थीं। आसमान काले बादलों से भरा हुआ था और हवा में मिट्टी की खुशबू फैल रही थी। छोटे राज, मीरा और उनके गांव के अन्य बच्चों को खेलते-खेलते पता चल गया कि मानसून आ गया है। वे सब दौड़ते हुए बाग की ओर चल पड़े क्योंकि बूढ़े दादाजी कहते थे कि बारिश के मौसम में मोर का नाच देखना सबसे शुभ होता है।
तभी, बिजली की कौंध के साथ पहली बूंद पड़ी। फिर दूसरी, तीसरी बूंद… और अचानक पूरी बारिश शुरू हो गई। बारिश की खुशबू और ठंडी हवा सबको मदमस्त कर रही थी। तब्बे के पेड़ के पास राज ने चीख मारी – देखो! एक नीले-हरे रंग का मोर! उसके पंखों में सोने जैसी चमक थी और वह लंबे घने पेड़ के नीचे खड़ा था।
जैसे ही बारिश तेज़ हुई, मोर ने अपने पंख खोलने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज़ी से। उसके सैकड़ों पंखों पर बारिश की बूंदें गिर रही थीं और हर बूंद एक नई चमक ला रही थी। मोर ने अपने लंबे पंखों को गोल करते हुए एक अद्भुत आकार बनाया – जैसे कोई जादुई पंखा खुल गया हो। फिर वह नाचने लगा। उसके पैर जमीन पर धड़ाम-धड़ाम करते हुए ताल बना रहे थे।
बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा। मीरा चिल्लाई – देखो, देखो! वह गोल-गोल घूम रहा है! सब बच्चे बारिश में भीगते हुए मोर के चारों ओर इकट्ठा हो गए। मोर अपने पंखों को हिलाता, घूमता, और फिर से नाचता रहा। उसके नीले गले पर बारिश की बूंदें मोतियों की तरह चमक रही थीं। उसकी आंखें ऐसे चमक रही थीं मानो वह खुद को भी अपने नाच पर विश्वास नहीं कर पा रहा हो।
एक घंटे तक मोर नाचता रहा। हर बार जब बारिश तेज़ होती, उसका नाच भी तेज़ होता। जब बारिश थोड़ी कम होती, तो वह धीरे-धीरे अपने पंख समेटता। यह जादू था, गांव के बच्चों को लगा कि वह मोर आसमान के संगीत को सुन रहा है और बारिश के संग गा रहा है।
जब शाम ढलने लगी और बारिश कम हुई, तो मोर धीरे-धीरे अपने पंख समेट कर वापस बाग की गहराई में चला गया। बच्चे भीगी मिट्टी में बैठे रह गए, उनके चेहरों पर खुशी और अचरज का मिश्रण था। राज ने कहा – दादाजी ने बिल्कुल सच कहा था। मोर बारिश के साथ नाचता है।
उस रात, गांव के हर घर में बस एक ही बातचीत रही – मोर का नाच, मानसून की खुशबू, और उन छोटे-छोटे हाथों की पहली बारिश जिसे वे कभी नहीं भूल सकते। और अगली बारिश का इंतज़ार शुरू हो गया।
🪔 सीख: प्रकृति की सुंदरता हर मौसम में अलग दिखती है। बारिश और खुशी, दोनों ही जीवन को रंगीन करते हैं। बच्चों की निर्मल खुशी और प्रकृति के चमत्कार का मिलन ही सच्ची खुशियां लाता है।

